विशिष्टअभिक्रिया वेग या वेगगुणांक
विशिष्ट अभिक्रिया वेग या वेग स्थिरांक या वेग गुणांक
माना किसी अभिक्रिया कों निम्न प्रकार से व्यक्त करते है।

परिभाषा – किसी निश्चित ताप पर अभिक्रिया का वेग स्थिरांक अभिक्रिया वेग के बराबर होता है जब अभिकारकों की सांद्रता इकाई हो
नोट – n1 व n2 के मान समान अथवा असमान भी हो सकते है इसका निर्धारण प्रयोग द्वारा किया जाता है।

प्रयोग द्वारा यह देखा गया है कि जब O2 की सांद्रता कों स्थिर रखकर NO की सांद्रता को दुगुना कर दिया जाये तो अभिक्रिया का वेग चार गुना हो जाता है अतः अभिक्रिया का वेग NO की द्वित्तीय घात के समानुपाती है। (x = 1) जब NO की सांद्रता स्थिर रखकर O2 की सांद्रता दुगुनी की जाती है तो अभिक्रिया का वेग भी दुगुना हो जाता है अर्थात अभिक्रिया का वेग ऑक्सीजन की प्रथम घात के समानुपाती है। अतः (y =1)
उपरोक्त अभिक्रिया के लिए वेग नियम
अभिक्रिया की कोटि – किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग नियम या वेग व्यंजक में अभिकारकों की सांद्रताओं पर लगी घातों का योग अभिक्रिया की कोटि कहलाती है। अथवा
किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले क्रियाकारको के अणुओं या परमाणुओं या आयनों की कुल संख्या जिनकी सांद्रता में अभिक्रिया के दौरान परिवर्तन होता है इसे अभिक्रिया की कोटि कहते है।
नोट – अभिक्रिया की कोटि शून्य हो सकती है तथा भिन्न में भी हो सकती है।
विशिष्टअभिक्रिया वेग या वेगगुणांक
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